google.com, pub-7314354026449841, DIRECT, f08c47fec0942fa0 Right to Life and Liberty ~ Aalamban Charitable Trust & WHRO

Friday, 22 August 2025

Right to Life and Liberty

 


This is one of the most fundamental human rights.

  • It ensures every person has the right to live with dignity, security, and freedom.
  • No one can be arbitrarily deprived of their life or personal liberty.

Slogans:

  • “Right to Life is the Right to Dignity.”
  • “Life and Liberty: Non-Negotiable Rights of All.”
  • “Without Liberty, Life is Half; Without Life, Liberty is Lost.”
  • “Every Human Deserves Freedom and Safety.”

Freedom from Degrading Treatment or Punishment

  • Protects individuals from torture, cruel, inhuman, or degrading treatment.
  • Ensures respect for human dignity and humane treatment, even for prisoners or accused persons.
  • No authority can treat anyone in a way that humiliates or dehumanizes them.

Slogans:

  • “Human Dignity is Beyond Punishment.”
  • “Stop Cruelty, Start Humanity.”
  • “Punishment Should Reform, Not Degrade.”
  • “Respect Rights, Reject Torture.”

🌿 जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Life and Liberty)

यह सबसे मूलभूत मानवाधिकारों में से एक है।
यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा, सुरक्षा और स्वतंत्रता के साथ जीने का अधिकार है।
किसी को भी मनमाने ढंग से जीवन या व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित नहीं किया जा सकता।

स्लोगन:

  • जीवन का अधिकार ही गरिमा का अधिकार है।”
  • जीवन और स्वतंत्रता — सभी के अटल अधिकार।”
  • स्वतंत्रता के बिना जीवन अधूरा है; जीवन के बिना स्वतंत्रता खो जाती है।”
  • हर इंसान को मिले स्वतंत्रता और सुरक्षा।”

अपमानजनक दंड या व्यवहार से मुक्ति (Freedom from Degrading Treatment or Punishment)

यह अधिकार व्यक्तियों को यातना, क्रूर, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार से सुरक्षा प्रदान करता है।
यह सुनिश्चित करता है कि हर व्यक्ति की गरिमा और मानवीय व्यवहार का सम्मान किया जाए — चाहे वह कैदी हो या अभियुक्त।
कोई भी प्राधिकारी किसी को अपमानित या अमानवीय तरीके से व्यवहार नहीं कर सकता।

स्लोगन:

  • मानव गरिमा है दंड से ऊपर।”
  • क्रूरता बंद करो, मानवता शुरू करो।”
  • दंड सुधार का साधन बने, अपमान का कारण नहीं।”
  • अधिकारों का सम्मान करो, अत्याचार को ठुकराओ।”

 

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